
ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए ईडब्ल्यूएस पोर्टल, भूमि अभिलेखों को सरल और सटीक बनाने के लिए सरलीकृत खतौनी तथा राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत भूमि विभाजन के मामलों के ऑनलाइन निस्तारण के लिए नया पोर्टल शुरू किया गया है। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने शुक्रवार को आंबेडकर सभागार में इन सुविधाओं का शुभारंभ किया।
ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए कम होंगे तहसील के चक्कर
ईडब्ल्यूएस पोर्टल के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिक अब प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन लेखपाल और तहसीलदार स्तर पर भी ऑनलाइन भेजा और निस्तारित किया जा सकेगा। आवेदन किस स्तर पर है और उसकी स्थिति क्या है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से देखी जा सकेगी।
इससे कागजी कार्यवाही कम होने के साथ ही नागरिकों को बार-बार तहसील या संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। डिजिटल निगरानी से निस्तारण में जवाबदेही और समयबद्धता बढ़ाने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता भी मजबूत होगी।
सरलीकृत खतौनी में छह दशमलव तक दिखेगा क्षेत्रफल
सरलीकृत खतौनी के जरिए भूमि अभिलेखों को आम नागरिक के लिए अधिक स्पष्ट और उपयोगी बनाया गया है। अब खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक प्रदर्शित किया जाएगा। इससे जमीन के क्षेत्रफल की जानकारी अधिक सटीक रूप में उपलब्ध होगी।
इसके अलावा अभिलेखागार से जुड़े पुराने आदेश और पुराने बंधक आदेशों की जानकारी भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे भूमि के स्वामित्व और पुराने रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी जुटाना आसान होगा।
धारा 116 के तहत भूमि विभाजन भी ऑनलाइन
राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत सह-खातेदार भूमि के विभाजन के लिए वाद कर सकता है। अब इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। नागरिक भूमि विभाजन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नोटिस और उद्घोषणा की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से संचालित और मॉनिटर की जा सकेगी।
संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट पोर्टल पर उपलब्ध होगी। भूमि की वास्तविक स्थिति देखने के लिए मानचित्र की सुविधा भी दी गई है। इससे न्यायालय में चल रही प्रक्रिया और मौके की स्थिति के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी और मामलों का निस्तारण अधिक पारदर्शी व समयबद्ध हो सकेगा।



