
हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौतके खिलाफ लखनऊ में मुकदमा हो सकता है। भाजपा सांसद के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए शनिवार को कांग्रेस की नेता ने लखनऊ के हुसैनगंज थाना में तहरीर दी है।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर अनामिका यादव ने भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए लखनऊ के हुसैनगंज थाने में तहरीर दी है। अनामिका यादव ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले जेन जी छात्र-छात्राओं, युवाओं के विरूद्ध कंगना रनौत का बयान अपमानजनक, घटिया व जनभावनाओं को आहत करने वाला है।
हमने समाज की नई पीढ़ी, महिलाओं, छात्र-छात्राओं एवं उनके परिवारों के विरुद्ध भाजपा सांसद कंगना के सार्वजनिक स्थल पर अपमानजनक बयान के विरूद्ध प्रार्थनापत्र दिया है। सामाजिक वैमनस्य एवं जनभावनाओं को आहत करने के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जाए।
अनामिका यादव ने कहा कि कंगना रनौत के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्ष हुसैनगंज को दी गयी तहरीर में कहा है कि जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के संबंध में 30 जुलाई को भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सार्वजनिक बयान दिया गया जो विभिन्न समाचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।

बयान में प्रदर्शन कर रहे युवा, छात्र-छात्राओं, महिलाओं व नई पीढ़ी के संबंध में अपमानजनक टिप्पणियां की गईं तथा हमारे देश की बेटियों को गटर जनरेशन कहा गया। इतना ही नहीं कंगना रनौत ने उन जेन जी बेटियों के माता-पिता को भी अपमानित करते हुए कहा कि कौन इन्हें जन्म दे रहा है और इनकी परवरिश कर रहा है।
तहरीर में यह कि कहा गया है कि यह केवल प्रदर्शनकारियों का ही नहीं, बल्कि समस्त नई पीढ़ी, महिलाओं, युवाओं तथा उनके माता-पिता एवं परिवारों का सामूहिक अपमान है। इस प्रकार का सार्वजनिक वक्तव्य समाज में आक्रोश, वैमनस्य एवं अशांति उत्पन्न करने वाला है तथा करोड़ों नागरिकों की गरिमा एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
तहरीर के माध्यम से मांग की गई है कि भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान की निष्पक्ष जांच कराई जाए। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विधि सम्मत धाराओं, जिनमें परिस्थितियों के अनुसार जानबूझकर विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाना, धार्मिक/सामाजिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने, शांति भंग के लिए उकसाना तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उक्त बयान का मूल वीडियो, ऑडियो एवं सोशल मीडिया पोस्टों को सुरक्षित कराकर साक्ष्य के रूप में संकलित करते हुए तत्काल निष्पक्ष विवेचना कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।



