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भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा-लघु उद्यमियों के लिए एक मज़बूत ढाल

लेखक: गुरदीप सिंह बत्रा, हेड – प्रॉपर्टी यूडब्ल्यू, रिस्क इंजीनियरिंग, ग्लोबल अकाउंट्स एवं को-इंश्योरेंस, बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व में बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) माना जाता है कि लघु और सूक्ष्म उद्यम (एसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. ये न केवल रोज़गार का सृजन करते हैं, बल्कि नवाचार के साथ-साथ देश के समग्र विकास में भी सहायता प्रदान करते हैं. गौर करने वाली बात है कि ये उद्यम बेहद अहम माने जाते हैं, बावजूद इसके ये बाधाओं की वजह से अत्यधिक संवेदनशील भी होते हैं. इसके पीछे बड़ी वजह है प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना या अचानक होने वाली ऐसी घटनाएं जिनसे कारोबार का संचालन रातोंरात ठप हो जाता है.

कई एसएमई के लिए मामूली सी रुकावट भी एक बड़ी मुश्किल का सबब बन सकती है. इसी चुनौती के मद्देनज़र भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने एक खास बीमा समाधान पेश किया है, जो कि एसएमई को मज़बूत सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ भरोसेमंद तरीके से मदद भी प्रदान करता है. भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी के बारे में गौर करने लायक बातें भारत सूक्ष्म सुरक्षा पॉलिसी एक ऐसी अद्वितीय बीमा पॉलिसी है, जो कि लघु और मध्यम उद्यमियों (एसएमई) को अचानक से होने वाली दुर्घटना जैसे कि आग, विस्फोट, संबंधित जोखिम और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है. यह इमारत, संपत्ति, सामान, फर्नीचर और फिटिंग को पहुंचने वाले नुकसान से सुरक्षा देती है. इससे कारोबारियों को आर्थिक रूप से स्थिर होने में मदद मिलती है और वे अचानक से आए झटकों से उबरते हुए कारोबार चलाने में सक्षम हो जाते हैं. यह पॉलिसी सुरक्षा कवच के तौर पर काम करती है, जिससे कि एसएमई अचानक से हुए नुकसान से न केवल आसानी से बाहर निकल जाते हैं, बल्कि उन्हें भारी आर्थिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है. भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी खरीदने के लिए योग्यता भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी खासतौर पर विशेष तरह के कारोबारियों और व्यक्तियों के लिए बनाई की गई है. यह ऐसे उद्यमियों या कारोबारियों के लिए उपलब्ध है जिनकी किसी एक स्थान पर कुल बीमा-योग्य संपत्ति या जोखिम मूल्य ₹5 करोड़ से अधिक नहीं है, जो कि स्कीम में निर्धारित कवरेज सीमा है. इसकी योग्यता केवल कारोबारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति या संस्था, जिनके पास व्यवसायिक संपत्तियां हैं, किरायेदार और पट्टेदार जिन्होंने भी ऐसी संपत्तियां खरीदी हैं, वे इसके योग्य माने जाते हैं. इसके अलावा, कमीशन के आधार पर व्यावसायिक संपत्तियों की देखरेख करने वाले ट्रस्टी और वे व्यक्ति जो व्यावसायिक संपत्तियों की देखरेख के लिए उत्तरदायी होते हैं और जिन पर बीमा करवाने की ज़िम्मेदारी होती है,

वे भी इस पॉलिसी में कवर किए जाते हैं. भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी के तहत कवर होने वाले जोखिम भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी छोटे कारोबारियों को व्यापक सुरक्षा प्रदान करती है, जिसमें विविध प्रकार के जोखिमों से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है, ताकि उन्हें गंभीर रूप से आर्थिक तनाव का सामना न करना पड़े. इसके अलावा, अगर कारोबार वाली जगह पर आग लग जाए या बिजली गिर जाए, तो इससे संपत्ति को जो नुकसान पहुंचता है और कारोबार में जो रुकावट आती है, उन्हें भी कवर किया जाता है. इसके अलावा, इसमें विस्फोट या ढहने की वजह से हुए नुकसान के लिए भी कवरेज दिया जाता है, ताकि कारोबारी ऐसी दुर्घटना से आसानी से उबर पाएं. इसके अलावा, पॉलिसी में बाहरी टकराव, किसी भारी वस्तु के गिरने, ढांचें में अचानक से आने वाली खराबी जैसी चीज़ें भी कवर की जाती हैं. इसलिए यह उन कारोबारियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होता है जिनका कारोबार भीड़भाड़ वाली जगह या जोखिम भरे इलाके में होता है. और तो और, इसमें दंगों, हड़तालों या तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए भी कवरेज पेश किया जाता है, जिससे सामाजिक या राजनीतिक अशांति के दौरान कारोबारियों को मज़बूत और स्थिर बने रहने में मदद मिलती है. इसमें तूफान, बाढ़ और जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी शामिल होती हैं, जिससे कि इनकी वजह से लंबे समय में होने वाले आर्थिक असर कम हो जाते हैं. इतना ही नहीं, इसमें मिसाइल परीक्षण जैसी दुर्लभ घटनाओं को भी शामिल किया गया है, जो कि इस पॉलिसी की व्यापकता को दर्शाता है. इसके अलावा, बीमा किए जाने के सात दिनों को भीतर अगर चोरी जैसी घटना होती है, तो कारोबारियों को इस तरह के नुकसान से भी सुरक्षा दी जाती है. अंत में, यह पॉलिसी भूकंप, झाड़ियों की आग, जंगल की आग और आतंकवाद जैसी घटनाओं से भी सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे कि कारोबारियों को विनाशकारी हादसों से सुरक्षा मिलती है और वे किसी तरह का आर्थिक संकट झेले बिना अपना कामकाज सुचारु रूप से जारी रख सकते हैं. यह पॉलिसी अहम क्यों हैं? भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी खासतौर पर लघु उद्यमियों के लिए तैयार की गई है, जिनके पास इस तरह के बड़े आर्थिक नुकसान झेलने की क्षमता नहीं होती है. यह पॉलिसी आग और चोरी जैसी सामान्य घटनाओं से लेकर मिसाइल परीक्षण जैसी असाधारण घटनाओं तक, कई प्रकार के जोखिमों को कवर करती है. इस तरह यह कारोबारियों के लिए एक बेहद मज़बूत सुरक्षा कवच है. इससे कारोबारियों को अचानक से हुई घटनाओं की चिंता किए बिना अपनी वृद्धि और निरंतर विकास पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. भारत सूक्ष्म उद्यम सुरक्षा पॉलिसी लघु और मध्यम उद्यमियों के लिए एक बेहद अहम बीमा समाधान है. साधारण अग्नि बीमा के बजाय यह कहीं अधिक व्यापक सुरक्षा प्रदान करती है. यह पॉलिसी न केवल आग से जुड़े जोखिम को कवर करती है, बल्कि इसमें प्राकृतिक आपदा, सामाजिक अशांति, चोरी और मिसाइल परीक्षण जैसे असाधारण घटनाएं शामिल होती हैं. इसलिए भारत के एसएमई-केंद्रित बीमा क्षेत्र में यह एक बेहद अहम और उपयोगी पॉलिसी है. इससे यह बात पक्की होती है कि किसी भी तरह की प्रतिकूल परिस्थिति में कारोबारियों के पास एक मज़बूत सुरक्षा कवच होगा.

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