
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से कमर्शियल यात्री उड़ानों की शुरुआत के साथ ही, भारत के एविएशन क्षेत्र के बढ़ते नेटवर्क में एक और चालू हवाई अड्डा जुड़ गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव कम करेगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। यह नया हवाई अड्डा इस बात की भी कहानी बयां करता है कि कैसे भारत का एविएशन मैप बदल रहा है।

हवाई अड्डों की संख्या में भारी वृद्धि
साल 2017 में भारत में 94 चालू हवाई अड्डे थे। 2026 तक यह संख्या बढ़कर 163 हो गई है। यह वृद्धि नए हवाई अड्डा प्रोजेक्ट्स, पहले से बंद पड़े हवाई अड्डों के पुनरुद्धार और उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का मिलाजुला परिणाम है।
इस कार्यक्रम के पीछे मुख्य विचार प्रमुख महानगरों के बाहर रहने वाले लोगों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और छोटे शहरों को राष्ट्रीय वायु नेटवर्क से जोड़ना था।
हवाई अड्डों की संख्या में उत्तर प्रदेश सबसे आगे
हालांकि, देश भर में हवाई अड्डों का विस्तार एक समान नहीं रहा है। जेवर को मिलाकर उत्तर प्रदेश में अब सबसे ज्यादा 18 चालू हवाई अड्डे हैं। इसके बाद 15 हवाई अड्डों के साथ महाराष्ट्र दूसरे और 13 हवाई अड्डों के साथ गुजरात तीसरे स्थान पर है।



