
विजय कुमार निगम लखनऊ:- उत्तर प्रदेश में इन दिनों प्रचंड गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। गर्मी के इस कठिन दौर में भी यूपी में बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में हुए सुधार को सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 22.5 घंटे तक लगातार बिजली आपूर्ति की जा रही है। मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत तमाम जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 24-24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं पीक डिमांड बिजली आपूर्ति करने में उत्तर प्रदेश ने अपने और देशभर के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 23 जून की रात 22.26 बजे यूपीपीसीएल ने रिकॉर्ड 32405 मेगावाट बिजली आपूर्ति की।

यूपीपीसीएल की ओर से जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। 19 जून को 23.55 घंटे, 20 जून को 23.48 घंटे, 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह गाजियाबाद में 19 जून को 23.53 घंटे, 20 जून को 23.53 घंटे और 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। लखनऊ में भी 19 जून को 23.58 घंटे, 20 जून को 22.54 घंटे और 21 जून को 23.12 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। बरेली में 19 जून को 23.55 घंटे, 20 जून को 20.43 घंटे और 21 जून को 22.10 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। शाहजहांपुर में 19 जून को 23.59 घंटे, 20 जून को 22.41 घंटे और 21 जून को 23.19 घंटे बिजली आपूर्ति की गई।
अमेठी के ग्रामीण क्षेत्र में 19 जून को 21.35 घंटे, 20 जून को 21 घंटे, 21 जून को 22.10 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। ऐसे ही अयोध्या में 19 जून को 22 घंटे, 20 जून को 20.34 घंटे, 21 जून को 22.15 घंटे बिजली सप्लाई की गई। बाराबंकी में 19 जून को 23.54 घंटे, 20 जून को 23.58 घंटे और 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। रायबरेली में 19 जून को 20.41 घंटे, 20 जून को 21.27 घंटे और 21 जून को 21.43 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। सीतापुर में 19 जून को 21.56 घंटे, 20 जून को 21.26 घंटे और 21 जून को 22.56 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा, भदोही और अलीगढ़ में 19, 20 और 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई।
योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए गए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज प्रदेश के लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कहीं बेहतर बिजली सुविधा मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्तमान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है, लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे से लेकर 24 घंटे तक बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। गर्मी के मौसम में जहां पहले बिजली कटौती बड़ी समस्या बन जाती थी, वहीं अब लंबे समय तक निर्बाध बिजली आपूर्ति से लोगों को काफी राहत मिल रही है। इससे न केवल घरेलू जीवन आसान हुआ है बल्कि छोटे व्यवसायों, किसानों और छात्रों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। अगर वर्ष 2017 से पहले की स्थिति पर नजर डालें तो स्थिति बिल्कुल अलग थी। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल लगभग 11 घंटे का हुआ करता था। वास्तविक स्थिति इससे भी खराब थी, क्योंकि अधिकांश गांवों में सिर्फ 8 से 11 घंटे ही बिजली मिल पाती थी। कई क्षेत्रों में अघोषित कटौती आम बात थी। 2017 से पहले सिर्फ कुछ ही चिन्हित वीआईपी जनपदों में निर्बाध बिजली आपूर्ति होती थी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि कारपोरेशन और डिस्काम के अधिकारी व कर्मचारी सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी सजकता के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। हर स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी के दिनों में बेहतर विद्युत आपूर्ति मिले, इसके लिए कारपोरेशन पूरी तरह से प्रयासरत है।



