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BJP के अशोक निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष, किसी ने नहीं डाला पर्चा | Jeela Panchayat Chunav Chitrakoot

चित्रकूट में भारतीय जनता पार्टी के अशोक जाटव का जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी में निर्विरोध बैठना तय हो गया है। सिर्फ उन्होंने ही पर्चा डाला है। सपा और बसपा से कोई नामांकन नहीं किया। निर्वाचन अधिकारी की ओर से अशोक जाटव के जीत की घोषणा 29 जून को की जाएगी। हालांकि सपा व बसपा से वाकओवर मिलने के बाद भाजपाईयों ने ढोल नंगाड़े के साथ जीत का जश्न मनाया।

29 जून को नाम वापसी के बाद जीत को घोषणा : निर्वाचन अधिकारी डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि जिपंअ के लिए सिर्फ अशोक जाटव का नामांकन आया है। 29 जून को तीन बजे तक नाम वापसी है उसके बाद जीत का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

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यह रहे मौजूद : पर्व सांसद रमेशचंद्र द्विवेदी, पंकज अग्रवाल, बद्री विशाल त्रिपाठी, अर्जुन शुक्ला, राजेश जायसवाल, आलोक पांडेय, आनंद, पूर्व विधायक दिनेश मिश्र, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय, दिनेश तिवारी, कमलेश मिश्र, अंजु वर्मा आदि रहे।

उत्साह में टूटा कोरोना प्रोटोकाल : वर्ष 2005 के बाद भाजपा को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिल रही है जिसको लेकर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं मे खासा उत्साह देखने को मिला। नामांकन के दौरान कोरोना प्रोटोकाल की खूब धज्जियां उड़ी। पहले तो जरूरत से अधिक भीड़ में शारीरिक दूरी तार-तार रही। दूसरी ओर सांसद, जिलाध्यक्ष और पूर्व जिला प्रभारी पुरुषोत्तम पांडेय समेत कई लोग बिना मास्क के रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जनपद में सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। भाजपा ने अनुसूचित जाति की आरक्षित जिपंस सीट पहाड़ी से जीते पूर्व प्रदेश मंत्री अशोक जाटव को अपना अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया।वह शनिवार को जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे, लोक निर्माण राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आरके पटेल व मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और छह प्रस्तावकों व समर्थकों के साथ तीन सटों में नामांकन निर्वाचन अधिकारी डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल को सौंपा।

नामांकन का समय तीन बजे खत्म होने पर भाजपाइयों ने जमकर खुशी मनाया। अशोक के निर्विरोध जीत की संभावना पहले ही प्रबल थी। सपा के पांच सदस्य जीते थे लेकिन एक भी अनुसूचित जाति से नहीं था। हालांकि उसने आरक्षित श्रेणी के एक निर्दलीय सदस्य को अपने पाले में कर लिए थे लेकिन ऐन वक्त में वह भी गायब हो गए थे। वहीं बसपा नामांकन का दम भर रही थी। उसके पास छह में दो सदस्य आरक्षित श्रेणी के थे लेकिन वह भी नामांकन को नहीं पहुंचे। जबकि बसपा समर्थित कुछ सदस्य नामांकन के दौरान अशोक जाटव के साथ देखे गए।

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