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वाड्रा के घर पहुंची इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT) की टीम उनके घर पहुंची है।

IT की टीम बेनामी संपत्ति मामले में वाड्रा के बयान दर्ज कर रही है। वाड्रा फिलहाल अग्रिम जमानत पर हैं।

पहले वह कोरोना के कारण जांच में शामिल नहीं हो पाए थे।

हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि किस मामले में वाड्रा से पूछताछ हो रही है।

आरोप है कि वाड्रा की फर्म स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने राजस्थान के बीकानेर में जमीन खरीदी थी,

लेकिन ये जमीन गरीब ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए थी। इस मामले में उन पर 2015 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था।

इसके अलावा 2018 में वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंदर सिंह हुडा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

आरोप है कि स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन DLF को काफी ऊंचे रेट पर बेची थी।

तब वाड्रा ने कहा था कि उनके खिलाफ आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

लंदन में प्रॉपर्टी के मामले में ED जांच कर रही
वाड्रा पर लंदन के ब्रायनस्टन स्क्वायर में गलत तरीके से 19 लाख पाउंड कीमत का मकान खरीदने का आरोप है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ कालाधन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच कर रहा था।

इस दौरान विभाग को अरोड़ा की भूमिका पर भी संदेह हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

ED का आरोप है कि लंदन में भंडारी ने 19 लाख पाउंड में संपत्ति खरीदी थी।

उसकी मरम्मत पर 65,900 पाउंड खर्च करने के बाद 2010 में उतनी ही रकम में वाड्रा को बेच दी थी।

इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था, बल्कि उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था।

आरोप यह भी है कि वाड्रा के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के कर्मचारी अरोड़ा की इस सौदे में अहम भूमिका थी।

उसे वाड्रा की विदेशी अघोषित संपत्ति की भी जानकारी थी और पैसों का इंतजाम करने में भी उसकी अहम भूमिका है। अरोड़ा फिलहाल अंतरिम जमानत पर है।

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