Indo-France Joint Exercise: फ्रांस के आसमान में भारत के वायुवीरों ने ‘राफेल’ में भरी उड़ान

मॉन्ट डे मार्सैन, भारत और फ्रांस के वायुसेनाओं के बीच फ्रांस के मॉन्ट डे मार्सैन में 1 जुलाई से ‘गरुड़’ युद्धाभ्यास चल रहा है। फ्रांस और भारत के वायुवीरों के बीच आज से पहले इतना बड़ा युद्धाभ्यास कभी नहीं हुआ था। इस दौरान फ्रांस के आसमान में भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सौरभ एम्बुरे ने राफेल में उड़ान भरी। एक्सचेंज फ्लाइंग के दौरान एक्सचेंज फ्लाइंग के दौरान फ्रांस की वायुसेना के राफेल विमान में उड़ान भरी है। बता दें, भारत-फ्रांस के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास का उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच अंतर व्यवहार्यता और सहयोग को बढ़ाने के लिए अच्छी प्रथाओं को साझा करना है।

भारत-फ्रांस के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास
भारत और फ्रांस के इस युद्धाभ्यास में राफेल, मिराज-2000, सुखोई 30 जैसे लड़ाकू विमानों देखने को मिल रहे हैं। दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत सहयोग के तहत यह ‘गरूड़ अभ्यास’ एक से 14 जुलाई 2019 तक चलेगा। इस संयुक्त इंडो-फ्रेंच युद्ध अभ्यास में मिराज 2000, सुखोई 30 एमकेआई, अल्फा जेट और कासा विमान शामिल हो रहे हैं लेकिन जो विमान सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करेगा, उसका नाम है राफेल, जो जल्द ही भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाला है। यह युद्भाभ्यास भारतीय वायुसेना के लिए राफेल जेट विमानों के बारे में ज्यादा जानने का अवसर प्रदान कर रहा है।

भारत और फ्रांस के बीच इंडो पैसिफिक सहयोग के अंतर्गत गरुड़ अभ्यास का यह छठा संस्करण है। 2014 में भारत के जोधपुर में  इस युद्धाभ्यास का पांचवां संस्करण आयोजित किया गया था। युद्धाभ्यास एक बार भारत में और इसके बाद एक बार फ्रांस में आयोजित किया जाता है।इस युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए भारतीय वायुसेना के 120 वायुवीरों की टुकड़ी फ्रांस पहुंची है। इसमें सुखोई-30 एमकेआई विमान, सी17 ग्लोबमास्टर मालवाहक विमान और आईएल 78 ईधन भरने वाले विमान शामिल हैं।

भारत आएगा पहला ‘राफेल’ विमान
भारत ने 58,000 करोड़ रुपए की लागत से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए फ्रांस के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और पहला राफेल जेट इसी साल सितंबर में भारत आने वाला है।

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