RSS मानहानि केस में शिवड़ी कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, कार्यकर्ताओं ने किया गर्मजोशी से स्वागत

मुंबई, राहुल गांधी आज यानी गुरुवार को मानहानि मामले में पेश होने के लिए मुंबई की शिवाड़ी कोर्ट पहुंच गए हैं। कोर्ट के बाहर कांग्रेस समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। राहुल गांधी के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे और मिलिंद देवड़ा भी मौजूद हैं। राहुल के मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है’ के नारे लगाना शुरु कर दिये। दरअसल, राहुल पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जोड़ा था। 

बता दें कि राहुल गांधी इस्तीफे देने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर सामने आए हैं। राहुल गुरूवार को शिवड़ी अदालत में पेश होंगे। जहां 11 बजे राहुल की पेशी होनी। राहुल गांधी के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता ने संघ की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। उनपर आरोप लगाया गया कि उन्होंने गौरी लंकेश की हत्या को भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की विचारधारा से जोड़ा था। इस मामले में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी को भी समन जारी किया गया था।  इस बीच, खबर है कि राहुल गांधी आगामी हफ्ते में कई केसों पर सुनवाई के चलते अपनी अमेरिका यात्रा को रद्द कर सकते हैं. उन पर पटना और अहमदाबाद में भी केस दर्ज हैं

दरअसल, वकील और आरएसएस कार्यकर्ता धु्रतिमान जोशी की निजी शिकायत पर मझगांव महानगरीय मजिस्ट्रेट की अदालत ने फरवरी में राहुल गांधी और माकपा नेता सीताराम येचुरी को समन जारी किया था। जोशी ने 2017 में राहुल गांधी, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। निजी शिकायत में कोर्ट से पुलिस को इस पूरे मामले की जांच करने का आदेश देने का आग्रह किया गया था।

जोशी ने आरोप लगाया था कि सितंबर 2017 में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के 24 घंटे बाद ही राहुल गांधी ने मीडिया से कहा था जो कोई भी भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ बोलता है, उसे दबाया जाता है, पीटा जाता है, उस पर हमला किया जाता है और यहां तक की उसकी हत्या कर दी जाती है। वहीं, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि येचुरी ने कहा था कि आरएसएस की विचारधारा और आरएसएस के लोग थे, जिन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की है, क्योंकि वह दक्षिणपंथी राजनीति की आलोचना करती थीं।


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