Main Storiesउत्तर प्रदेशताजा खबरेबड़ी खबरराज्यराष्ट्रीय

UP News: योगी सरकार में ‘Growth Multipliers’ बनीं महिलाएं..!

बढ़ रही यूपी की GSDP

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज जिस तेज रफ्तार से दौड़ रही है, उसके पीछे ‘आधी आबादी’ की बढ़ती सक्रियता सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में बीते नौ वर्षों के दौरान राज्य ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) जो कभी महज 13 प्रतिशत थी, अब वह उछलकर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। महिलाओं की इस बढ़ती भागीदारी ने न केवल सामाजिक ढांचे को बदला है, बल्कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है।

GSDP में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी और महिलाओं की भूमिका

उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 में जो GSDP लगभग 13 लाख करोड़ रुपये थी, वह वर्ष 2026-27 तक 36 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े की ओर मजबूती से बढ़ रही है। अर्थशास्त्र का यह सर्वमान्य सिद्धांत यूपी में सच साबित हो रहा है कि महिला श्रम बल में प्रत्येक 1 प्रतिशत की वृद्धि, राज्य की विकास दर में 0.5 से 1 प्रतिशत तक का अतिरिक्त इजाफा करती है। इस भागीदारी के कारण राज्य की उत्पादन क्षमता और टैक्स बेस दोनों में बड़ा विस्तार हुआ है।

‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ के रूप में उभरती नारी शक्ति

आज प्रदेश की महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ बन चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह, डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरों के सर्विस सेक्टर तक महिलाओं का दबदबा बढ़ा है। महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा सकारात्मक असर एमएसएमई (MSME) सेक्टर पर पड़ा है।

ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का सपना होगा साकार

योगी सरकार द्वारा कौशल विकास, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही नीतियों ने आर्थिक भागीदारी के दायरे को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिलाओं की भागीदारी की यही रफ्तार बनी रही, तो उत्तर प्रदेश को ‘ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता और श्रम उत्पादकता में समानांतर सुधार देखने को मिल रहा है, जो भविष्य के निवेश के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

Like us share us

Related Articles

Back to top button