सहजन का उपयोग कुपोषण मुक्ति में सहायक : अजय क्रांतिकारी

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिलाओं को बताया गया कि सहजन का उपयोग कुपोषण मुक्ति में सहायक है। इसमें दूध से कई गुना कैल्शियम और पालक से कई गुना आयरन पाया जाता है।

सहजन का उपयोग करने से होने वाले फायदों के बारे में बताते अजय क्रांतिकारी।
सहजन का उपयोग करने से होने वाले फायदों के बारे में बताते अजय क्रांतिकारी।

अच्छी सेहत की गारण्टी है सहजन का उपयोग

प्रतापगढ़ । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा शनिवार को राष्ट्रीय पोषण माह के तहत मांधाता ब्लॉक में आजीविका समूह की महिलाओं के साथ पूरेखरगराय स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को सहजन का उपयोग करने के साथ ही सही पोषण के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में समूह की महिलाओं के 0-5 वर्ष तक के बच्चों का वजन कर उनके पोषण स्तर का आंकलन किया गया।कार्यक्रम के दौरान सहजन और अमरूद के फलदार पौधों के बारे में जागरूक करते हुए इनके रोपण और सेवन पर जोर दिया गया। 

कैल्शियम व आयरन बढ़ाता है सहजन

पोषण का भंडार है सहजन
पोषण का भंडार है सहजन

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में जिला सन्दर्भ व्यक्ति एवं पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी ने कहा कि सहजन में पोषण बढ़ाने के अद्भुत और भरपूर गुण है। सहजन में दूध से कई गुना कैल्शियम और पालक से कई गुना आयरन पाया जाता है।

अजय ने बताया कि सेंजन, मुनगा या सहजन आदि नामों से जाना जाने वाला सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके अलग-अलग हिस्सों में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं।

पशु चारे के रूप में भी हो सकता है सहजन का उपयोग

चारे के रूप में इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि की रिपोर्ट है। यही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की वृद्धि होती है।

फल, तना, पत्ती, फूल- हर तरह हो सकता है सहजन का उपयोग

उन्होंने बताया कि सहजन का पेड़ सबके लिए सहज प्राप्त होने वाली औषधि के समान है। सहजन फल, तना,पत्ती के साथ ही उसके फूल भी कई तरह से सब्जी आदि के रूप में सेवन किया जा सकता है।

कुल मिलाकर सहजन का भरपूर प्रयोग कुपोषण से मुक्ति पाने में सहायक है। नियमित तौर पर सहजन का उपयोग करने की सलाह देने के साथ ही उन्होंने महिलाओं से किचेन गार्डन और न्यूट्री गार्डन बनाकर साल भर पौष्टिक पदार्थो के सेवन हेतु प्रेरित किया।

इस मौके पर आंगनवाड़ी सरोज देवी,आशा ललिता देवी, निर्मला देवी, सीमा देवी सहित कई लोग मौजूद रहे।

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