
उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के झांसी नोड में लगभग ₹3500 करोड़ के निवेश का मार्ग प्रशस्त करते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा नकेरा माइनर एवं गेन्दा कबूला माइनर से संबंधित भूमि को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस निर्णय से झांसी नोड में लंबे समय से लंबित रक्षा निवेश को गति मिलेगी और प्रदेश रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि स्थापित करेगा।
सिंचाई विभाग की दो माइनर नहरें
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत झांसी जिले के बेतवा नदी के समीप ग्राम एरच में झांसी रक्षा नोड के विकास हेतु कुल 1086 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। इस अधिग्रहित क्षेत्र के मध्य से सिंचाई विभाग की दो माइनर नहरें—नकेरा माइनर एवं गेन्दा कबूला माइनर—गुजर रही थीं। ये दोनों माइनर एरच रजवाहा से निकली हुई थीं और रक्षा नोड के बीचों-बीच स्थित थीं।

निवेश में आ रही बाधा
झांसी रक्षा नोड में विस्फोटक एवं आयुध निर्माण के लिए लगभग ₹3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO), उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार के सुरक्षा मानकों के अनुसार यदि किसी विस्फोटक निर्माण इकाई के परिसर के भीतर किसी प्रकार का खुला सार्वजनिक पहुंच मार्ग जैसे सिंचाई माइनर, विद्यमान हो, तो ऐसी इकाई को आवश्यक लाइसेंस एवं स्वीकृति प्रदान नहीं की जा सकती। चूंकि सिंचाई माइनर स्वभावतः खुली एवं निर्बाध सार्वजनिक पहुंच वाली संरचना होती है, इसलिए यह विस्फोटक निर्माण इकाइयों की सुरक्षा एवं संरक्षा संबंधी मानकों के अनुरूप नहीं है। परिणामस्वरूप लगभग ₹3500 करोड़ का निवेश लंबे समय से लंबित था।
सरकार का हस्तक्षेप
इस समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया गया कि चूंकि इन दोनों माइनरों की सिंचाई उपयोगिता अब समाप्त हो चुकी है, अतः इनके अधीन स्थित भूमि एवं उनसे संबंधित राइट ऑफ वे को सिंचाई विभाग से हस्तांतरित कर रक्षा औद्योगिक गलियारा के विकास हेतु UPEIDA को उपलब्ध कराया जाए।
राज्य मंत्रिपरिषद का ऐतिहासिक निर्णय
राज्य मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव पर विचार करते हुए नकेरा माइनर एवं गेन्दा कबूला माइनर के मार्ग में स्थित भूमि के UPEIDA को हस्तांतरण को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम है।
निर्णय के प्रमुख परिणाम
- झांसी रक्षा नोड में ₹3500 करोड़ के लंबित निवेश का मार्ग पूर्णतः प्रशस्त होगा
- PESO से आवश्यक लाइसेंस एवं अनुमतियां प्राप्त करने में अब कोई बाधा नहीं रहेगी
- झांसी नोड में विस्फोटक एवं आयुध निर्माण इकाइयों की स्थापना शीघ्र प्रारंभ हो सकेगी
- उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन एवं रक्षा औद्योगिक निवेश का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में और अधिक सशक्त होगा
जानिए क्यों अहम है यह निर्णय
यह निर्णय ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को नई गति प्रदान करेगा तथा प्रदेश में रोजगार, औद्योगिक विकास एवं निवेश को उल्लेखनीय बढ़ावा देगा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य को देश के अग्रणी रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विनिर्माण पारितंत्र को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।



