
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण, सुगम पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में सरकार ने मिर्जापुर जिले में एक नए ‘बचपन डे केयर सेंटर’ के भवन निर्माण को प्रशासकीय और वित्तीय मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 328.42 लाख रुपये तय की गई है। कार्य में तेजी लाने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है।
3 से 7 साल के बच्चों की ‘प्री-स्कूल रेडीनेस’ पर जोर
इस डे केयर सेंटर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को केवल बुनियादी सहायता देना ही नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाएं देकर सामाजिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। यह सेंटर विशेष रूप से 3 से 7 वर्ष आयु वर्ग के दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और मानसिक रूप से मंद बच्चों की प्री-स्कूल रेडीनेस (स्कूली शिक्षा से पहले की तैयारी) के लिए काम करेगा। गौरतलब है कि प्रदेश के 18 मंडलीय जनपदों में ऐसे बचपन डे केयर सेंटर पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।

निर्माण में गुणवत्ता और मानकों पर सख्त निर्देश
शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ही जमीन पर काम शुरू होगा। कार्यदायी संस्था और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की यह जिम्मेदारी होगी कि निर्माण पूरी तरह से निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ हो। काम शुरू करने से पहले सभी जरूरी वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय क्लियरेंस (Environmental Clearance) लेना भी अनिवार्य किया गया है।
किस्तों में होगा बजट का इस्तेमाल
इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव राकेश कुमार यादव की ओर से निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी कर दिया गया है। आदेश में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि जारी की गई धनराशि का आहरण और खर्च एक साथ न होकर, आवश्यकतानुसार किस्तों में और निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत ही किया जाएगा।



