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आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों का होगा बेहतर समन्वय, योगी सरकार ने को-लोकेशन और मैपिंग अभियान को दी नई गति

विजय कुमार निगम लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ को-लोकेशन और वैज्ञानिक मैपिंग अभियान मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय पूर्व तैयारी (स्कूल रेडीनेस) को सुदृढ़ बनाना, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करना तथा आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों के सहज संक्रमण को मजबूत करना है। 

इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। अभियान के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कराया जाएगा।

        प्रदेश में बालवाटिका, निपुण भारत मिशन और बुनियादी शिक्षा को सशक्त बनाने के प्रयासों के बीच यह पहल महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए अधिक व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा सकेगा। साथ ही शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ सुनिश्चित होने से बुनियदी शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के परिणामों को भी नई मजबूती मिलेगी।

          आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा-1 संचालित परिषदीय विद्यालयों की मैपिंग मिशन मोड में पूरी की जाएगी। संबंधित विद्यालयों का यू-डायस कोड अंकित करते हुए यू-डायस तथा हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर आवश्यक विवरण भी अद्यतन किए जाएंगे, जिससे दोनों विभागों के आंकड़ों में एकरूपता और योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय सुनिश्चित हो सके।

            विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी सेंटर के रूप में दर्ज किया जाएगा। जो केंद्र विद्यालय परिसर से बाहर हैं, उन्हें दूरी के आधार पर संबंधित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। 200 मीटर के भीतर स्थित केंद्रों की मैपिंग उसी विद्यालय से होगी, ताकि वहां तैयार होने वाला हॉट कुक्ड मील बच्चों तक समय पर पहुंच सके। जहां विद्यालय परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम विद्यालय से मैपिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 01 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

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