
वैश्विक बाजार से मिले कमजोर संकेतों के कारण दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹1,000 टूटकर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹5,900 फिसलकर ₹2.07 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले 10 महीनों का सबसे निचला स्तर है।
सोने और चांदी के भाव में कितनी बड़ी गिरावट आई है?
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव बुधवार को ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। गुरुवार को इसमें 1,000 की सीधी गिरावट आई और यह ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
चांदी के बाजार में बिकवाली का दबाव और भी ज्यादा देखने को मिला। पिछले कारोबारी दिन ₹2,13,400 प्रति किग्रा पर बंद हुई चांदी सभी करों सहित ₹5,900 टूटकर ₹2.07 लाख प्रति किग्रा पर आ गई। चांदी का यह स्तर बीते 10 महीनों में सबसे कम है। इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव ₹2,07,600 प्रति किग्रा के आसपास दर्ज किया गया था।
घरेलू बाजार में इस गिरावट के पीछे विशेषज्ञों की क्या राय है?
घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई इस मंदी और दबाव पर कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक कारक बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।
एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट कमोडिटी एंड करेंसी, जतीन त्रिवेदी के अनुसार, “पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर बनी चिंताओं के बीच निवेशकों की धारणा पर दबाव बना हुआ है, जिससे गुरुवार को घरेलू बाजारों में सोने का कमजोर रुख जारी रहा”।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी का क्या रुख रहा?
घरेलू बाजार में आई इस गिरावट का सीधा संबंध वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं में हुई बिकवाली से है। अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में हाजिर सोना 4,100 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया।
वैश्विक बाजार के आंकड़ों के अनुसार
- हाजिर सोना: वैश्विक बाजार में सोना 68.98 यानी लगभग 1.7 प्रतिशत घटकर 4,072.30 प्रति औंस पर आ गया।
- हाजिर चांदी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह गिरकर 55.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
इस गिरावट का क्या प्रभाव पड़ेगा?
वैश्विक बाजारों में मंदी और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच सर्राफा बाजार में बनी इस अस्थिरता ने अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सोने में 1.7% और चांदी में करीब 4% की अंतरराष्ट्रीय गिरावट के चलते स्थानीय सर्राफा कारोबार में भी खरीदार फिलहाल बाजार की नई दिशा का इंतजार कर रहे हैं। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक हाजिर कीमतों में आने वाले दिनों में होने वाले उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक गतिविधियों के आधार पर ही घरेलू बाजार में सोने और चांदी की आगे की चाल तय होगी।



